दिल्ली-NCR में CNG की कीमत में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। CNG के दाम ₹3.89 प्रति किलो बढ़ाए गए हैं। नई कीमत शनिवार सुबह 6 बजे से लागू हो गई है। इसके बाद दिल्ली में CNG की कीमत ₹83.09 से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गई है।
इस साल CNG के दाम में यह पांचवीं बढ़ोतरी बताई जा रही है। लगातार कीमत बढ़ने से दिल्ली-NCR में CNG से वाहन चलाने वाले लोगों के खर्च पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
नई कीमतों के बाद नोएडा और गाजियाबाद में CNG ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। मेरठ में इसकी कीमत ₹95.47 प्रति किलो और गुरुग्राम में ₹92.01 प्रति किलो पहुंच गई है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स और अन्य स्थानीय दरों के कारण CNG की कीमतों में अंतर रहता है।
CNG के दाम बढ़ने की बड़ी वजह आयातित LNG की बढ़ती लागत और अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में तेजी बताई गई है। इसके साथ ही देश में CNG की मांग बढ़ने से गैस की जरूरत भी बढ़ी है, जिससे ईंधन की लागत पर दबाव पड़ा है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर LNG की सप्लाई और परिवहन लागत पर भी पड़ा है। होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते LNG की आपूर्ति प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।
वैश्विक बाजार में LNG की कीमतों में इस साल काफी बढ़ोतरी हुई है। एशिया के JKM बेंचमार्क में फरवरी के दौरान कीमत करीब 11 डॉलर प्रति MMBTU थी, जो अगस्त में बढ़कर लगभग 23.4 डॉलर प्रति MMBTU हो गई।
यूरोप के TTF गैस बेंचमार्क में भी इसी अवधि में बड़ी तेजी दर्ज हुई। फरवरी में यह करीब 11.3 डॉलर प्रति MMBTU था, जबकि अगस्त में बढ़कर लगभग 23.3 डॉलर प्रति MMBTU हो गया। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर भारत में आयात होने वाली गैस की लागत पर पड़ा है।
भारत में CNG की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आयातित स्पॉट LNG पर निर्भरता बढ़ रही है। महंगी आयातित गैस और घरेलू मांग में बढ़ोतरी के कारण इनपुट गैस की लागत बढ़ी है। इसी वजह से CNG की कीमत में बढ़ोतरी की गई है।
CNG की कीमत बढ़ने का असर दिल्ली-NCR में ऑटो, टैक्सी, बस और माल ढुलाई वाले वाहनों पर पड़ सकता है। इन वाहनों में बड़ी संख्या में CNG का इस्तेमाल होता है, इसलिए ईंधन की लागत बढ़ने से रोजाना का संचालन खर्च भी बढ़ सकता है।
आगे चलकर CNG की कीमतों में बढ़ोतरी का असर यात्री किराए और माल ढुलाई की लागत पर भी पड़ने की संभावना है। हालांकि, कीमत बढ़ने के बावजूद CNG को पेट्रोल और डीजल की तुलना में कई उपभोक्ताओं के लिए अभी भी एक किफायती ईंधन विकल्प माना जा रहा है।

