अनंतनाग में लश्कर के दो आतंकियों के ठिकानों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, पुलिसकर्मी की हत्या के बाद बुलडोजर कार्रवाई

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जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में प्रशासन ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े दो आतंकियों के घरों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई लाल चौक इलाके में पुलिसकर्मी आशिक हुसैन की हत्या के अगले दिन की गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, जिन आतंकियों के मकानों पर कार्रवाई की गई, उनमें बिजबेहड़ा के गुरी गांव निवासी आदिल ठोकर और हसनपोरा निवासी हारून गनई शामिल हैं। प्रशासन की टीम ने बुलडोजर की मदद से दोनों आतंकियों के आवासों को गिरा दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों और उनके सहयोगी नेटवर्क पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से अनंतनाग समेत घाटी के कई इलाकों में आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ अभियान चला रही हैं। इस अभियान के तहत उन लोगों की पहचान की जा रही है, जो आतंकवादी संगठनों को किसी भी तरह की सहायता उपलब्ध कराते हैं या उनके नेटवर्क को मजबूत करने में भूमिका निभाते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले ठिकानों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े परिसरों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अनंतनाग में पुलिसकर्मी आशिक हुसैन की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों की जांच की जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के संपर्कों, उनके सहयोगियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर लगातार अभियान चला रही हैं।

अनंतनाग में हुई इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ प्रशासन की सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे कदमों का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को कमजोर करना और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी की जाएगी। प्रशासन और सुरक्षाबलों के बीच बेहतर तालमेल के साथ घाटी में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इस कार्रवाई के बाद अनंतनाग समेत जम्मू-कश्मीर के अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।