झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विधानसभा घेराव शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में छात्र नई विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं और परीक्षा में गड़बड़ी की जांच की मांग कर रहे हैं।
देर रात से ही हजारों छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटने लगे थे। सुबह होते ही छात्र तिरंगा लेकर पुरानी विधानसभा के पास पहुंचने लगे और वहां से नई विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया।
प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की है। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों को रोकने के लिए प्रशासन ने विधानसभा जाने वाले रास्तों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कई बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त की गई है। करीब दो हजार जवानों की तैनाती के साथ दंगा नियंत्रण दल, आंसू गैस और वाटर कैनन की व्यवस्था भी की गई है। पूरे इलाके में CCTV के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
प्रदर्शन को देखते हुए रांची में कई जगहों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। दूसरे जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है, जबकि कुछ इलाकों में आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
छात्र नेताओं ने कहा है कि उनका विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ किसी तरह की गलत कार्रवाई नहीं करने की अपील की है।
छात्रों के समर्थन में भाजपा के कई विधायक और नेता भी सामने आए। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देकर सरकार से छात्रों की मांगों पर कार्रवाई करने और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। बाद में पुलिस ने धरने पर बैठे नेताओं को वहां से हटा दिया।
इस बीच JPSC से जुड़े मामले में भी बड़ा बदलाव सामने आया है। आयोग के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, जबकि इससे पहले आयोग के अध्यक्ष भी इस्तीफा दे चुके हैं। परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी जारी है।
छात्र आंदोलन के बीच कुछ उम्मीदवारों का अनशन भी जारी है। मेडिकल टीम ने अनशन कर रहे छात्रों की जांच की और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई। छात्रों का कहना है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

