केतन अग्रवाल हत्याकांड: सुपारी किलर ने ठुकराया ऑफर, सिया-चेतन के खिलाफ बनेगा अहम गवाह

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पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या की साजिश को अंजाम देने से पहले एक कथित सुपारी किलर से संपर्क किया था। जांच में सामने आया कि दोनों ने उसे पुणे के एक होटल में बुलाकर केतन अग्रवाल की हत्या की बात की थी। हालांकि, जब उस व्यक्ति को केतन और पूरे मामले की जानकारी मिली तो उसने सुपारी लेने से साफ इनकार कर दिया।

जांच एजेंसियों ने संबंधित होटल की सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। पुलिस का कहना है कि यह फुटेज जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। इसी व्यक्ति को अब अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में गवाह के रूप में पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है, जिससे मामले की सुनवाई के दौरान कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तारी से बचने और पूछताछ के दौरान खुद को सामान्य दिखाने के उद्देश्य से सिया गोयल और चेतन चौधरी ने इंटरनेट पर कई वीडियो देखे थे। जांच के अनुसार, इन वीडियो में पुलिस पूछताछ के दौरान शांत रहने, चेहरे के हाव-भाव नियंत्रित रखने और सवालों के जवाब देने के तरीके बताए गए थे। आरोपियों की डिजिटल गतिविधियों और वेब हिस्ट्री से ऐसे वीडियो के लिंक भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।

पुलिस के मुताबिक, 18 जून को दोनों आरोपियों ने केतन अग्रवाल को पुणे के लोहगढ़ किले पर प्री-वेडिंग फोटोशूट के बहाने बुलाया। आरोप है कि मौके का फायदा उठाकर दोनों ने उसे करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले भी कथित तौर पर हत्या की एक कोशिश की गई थी, लेकिन उस समय केतन की जान बच गई थी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस को सिया गोयल और चेतन चौधरी की कुछ तस्वीरें भी मिली हैं, जिनमें दोनों के कथित रूप से राजस्थ
न के खाटू श्याम मंदिर में गुप्त विवाह करने का दावा किया जा रहा है। इन तस्वीरों की सत्यता की जांच जारी है। पुलिस की एक टीम मंदिर पहुंचकर वहां की सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि इस दावे की पुष्टि की जा सके।

फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी है और मामले की जांच लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी प्रमाणों के आधार पर चार्जशीट को और मजबूत बनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।