श्रीनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग के दौरान खंभे से टकराया इंडिगो विमान, नोज क्षतिग्रस्त; सभी यात्री सुरक्षित

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श्रीनगर एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह एक इंडिगो विमान पार्किंग के दौरान खंभे से टकरा गया। विमान नवी मुंबई से श्रीनगर पहुंचा था और उसे पार्किंग बे में ले जाते समय यह घटना हुई। टक्कर के बाद विमान के आगे के हिस्से को नुकसान पहुंचा, हालांकि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे।

जानकारी के मुताबिक, विमान को सुबह करीब 9 बजे पार्किंग बे नंबर-6 में खड़ा किया जा रहा था। इसी दौरान विमान का अगला हिस्सा वहां लगे एक खंभे से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि विमान की नोज का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें अंदर की ओर दबाव दिखाई दिया।

घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके लिए मैनुअल एयरक्राफ्ट सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।

जिस खंभे से विमान टकराया, वह विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम यानी VDGS का हिस्सा था। यह सिस्टम एयरपोर्ट के पार्किंग बे में विमान को सही दिशा और निर्धारित स्थान तक पहुंचाने में मदद करता है। इसके जरिए विमान की स्थिति और पार्किंग की दूरी से संबंधित संकेत दिए जाते हैं।

पार्किंग के दौरान विमान को निर्धारित सेंटरलाइन से सही तरीके से आगे बढ़ाना जरूरी होता है। यदि विमान का अलाइनमेंट थोड़ा भी बिगड़ जाए या पार्किंग के दौरान दिए जा रहे संकेतों को सही तरीके से समझने में परेशानी हो, तो ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि इस घटना में वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

कम दृश्यता भी ऐसी घटनाओं में एक संभावित कारण हो सकती है। बारिश, धुंध या अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों में पार्किंग क्षेत्र में लगे खंभे और जमीन पर बनी मार्किंग को देखना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा पार्किंग सिस्टम में किसी तकनीकी समस्या की संभावना की भी जांच की जा सकती है।

विमान की नोज में कई महत्वपूर्ण उपकरण और सेंसर से जुड़े हिस्से होते हैं। इसके आगे लगा बाहरी कवर रेडोम कहलाता है, जिसके पीछे आमतौर पर मौसम संबंधी जानकारी जुटाने वाला रडार होता है। टक्कर के बाद इन हिस्सों की स्थिति की जांच करना जरूरी होता है।

विमान के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचने के बाद उसे दोबारा उड़ान में शामिल करने से पहले तकनीकी जांच की जाती है। विशेषज्ञ यह पता लगाते हैं कि नुकसान केवल बाहरी हिस्से तक सीमित है या अंदर मौजूद किसी महत्वपूर्ण सिस्टम पर भी इसका असर पड़ा है।

हादसे के बाद विमान की तकनीकी स्थिति का आकलन किया जा रहा है और घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में विमान की पार्किंग प्रक्रिया, VDGS के संकेत, विमान की स्थिति और उस समय की परिस्थितियों समेत कई पहलुओं को देखा जा सकता है।

फिलहाल श्रीनगर एयरपोर्ट का संचालन सामान्य बताया गया है और अन्य उड़ानों पर इस घटना का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विमान खंभे से किस परिस्थिति में टकराया और इसके लिए जिम्मेदार कारण क्या था।