तमिलनाडु सरकार विधानसभा और सचिवालय को ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर से बाहर शिफ्ट करने की योजना पर विचार कर रही है। इसके लिए राज्य में नए इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स की संभावित जगहों की तलाश की जा रही है।
मुख्यमंत्री विजय विधानसभा और सचिवालय की शिफ्टिंग को लेकर योजना की घोषणा कर सकते हैं। प्रस्तावित नए परिसर में सरकार के महत्वपूर्ण प्रशासनिक कामकाज और विधानसभा से जुड़ी व्यवस्थाओं को एक जगह लाने की तैयारी बताई जा रही है।
फोर्ट सेंट जॉर्ज लंबे समय से तमिलनाडु सरकार और विधानसभा का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐतिहासिक महत्व रखने वाला यह परिसर कई दशकों से राज्य के प्रशासनिक कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
सरकार नए परिसर के निर्माण के लिए चार संभावित स्थानों पर विचार कर रही है। इनमें पट्टिनपक्कम, नंदनबक्कम, कोयंबेडु और गिंडी में हाईवे विभाग की जमीन शामिल है।
इन स्थानों का मूल्यांकन अलग-अलग जरूरतों और प्रशासनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जा सकता है। नए परिसर के लिए जगह तय होने से पहले जमीन और उससे जुड़ी व्यवहार्यता का आकलन किया जाएगा।
विधानसभा और सचिवालय को एक नए इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में ले जाने की योजना का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।
फोर्ट सेंट जॉर्ज की ऐतिहासिक पहचान को देखते हुए शिफ्टिंग का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के सामने प्रशासनिक जरूरतों के साथ-साथ मौजूदा परिसर के महत्व को लेकर भी कई पहलुओं पर विचार करना होगा।
यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आ रहा है, जब तमिलनाडु में पारंदूर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर भी राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा चल रही है। हालांकि विधानसभा-सचिवालय की शिफ्टिंग और एयरपोर्ट परियोजना अलग-अलग मुद्दे हैं।
पारंदूर एयरपोर्ट को लेकर मुख्यमंत्री विजय ने पर्यावरण, कृषि भूमि और स्थानीय लोगों की आजीविका पर असर का हवाला देते हुए परियोजना रद्द करने की बात कही थी। इसके बाद एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक स्थान और उसकी व्यवहार्यता को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
अब विधानसभा और सचिवालय के लिए नई जगह को लेकर सरकार के अगले फैसले पर नजर रहेगी। संभावित स्थानों के मूल्यांकन के बाद यह स्पष्ट होगा कि राज्य का प्रशासनिक मुख्यालय भविष्य में किस जगह शिफ्ट किया जाएगा।

