संसद में हंगामा जारी, दोनों सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

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संसद के मानसून सत्र के 18वें दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विरोध और हंगामा जारी रहा। बुधवार को दोनों सदनों में विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन हुआ। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। विपक्ष की ओर से छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई और धार्मिक स्थल से जुड़े चढ़ावे के मामले को लेकर विरोध जताया गया। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भी कुछ राज्यों में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए।

संसद के भीतर कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। लगातार नारेबाजी और हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। इसके बाद पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

मानसून सत्र समाप्त होने में अब केवल दो दिन बाकी हैं। पिछले 17 दिनों की कार्यवाही के दौरान संसद में कुल 12 नए विधेयक पेश किए गए हैं। इनमें से 7 विधेयक लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं।

इन 7 विधेयकों में से केवल 2 पर सदन में विस्तार से चर्चा हो सकी। बाकी विधेयक विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच पारित किए गए। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि महत्वपूर्ण विधेयकों को पर्याप्त चर्चा के बिना आगे बढ़ाया जा रहा है।

सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही पर हंगामे का बड़ा असर पड़ा है। अब तक लोकसभा में करीब 16 घंटे 12 मिनट और राज्यसभा में लगभग 28 घंटे 30 मिनट काम हुआ है। लोकसभा में 7 विधेयकों को महज 36 मिनट के भीतर पारित किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

इस पूरे सत्र में प्रश्नकाल भी लगातार प्रभावित रहा है। विपक्ष का कहना है कि हंगामे के कारण जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल सदन में नहीं उठाए जा सके। वहीं सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष के लगातार विरोध के कारण संसद का जरूरी काम प्रभावित हो रहा है।

संसद की कार्यवाही के दौरान विदेशी फंडिंग से जुड़े कानून में संशोधन वाले विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने पर भी चर्चा चल रही है। इस विधेयक का उद्देश्य गैर-सरकारी संगठनों और विदेशी फंडिंग पर सरकारी निगरानी को बढ़ाना बताया गया है। विपक्ष इसके कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जता रहा है।

वहीं न्यायपालिका से जुड़े एक पुराने मामले की जांच रिपोर्ट भी संसद में पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में जांच के दौरान जुटाए गए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का उल्लेख है। इस मामले में जांच समिति ने प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के आधार मिलने की बात कही थी।

संसद परिसर में जारी विरोध और सदनों में लगातार हो रहे हंगामे के बीच मानसून सत्र के बचे हुए दो दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सरकार की कोशिश लंबित विधेयकों को आगे बढ़ाने की है, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी संसद की कार्यवाही के दौरान हंगामा जारी रहने की संभावना है।