हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सोमवार देर रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। पठानकोट-चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनीखेत के पास तेज बारिश के दौरान एक कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक बुजुर्ग, उनका बेटा, बहू, आठ महीने का पोता और भतीजी शामिल हैं।
मंगलवार सुबह करीब 6:45 बजे स्थानीय लोगों ने खाई में गिरी कार को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही चंबा पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय ग्रामीण राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचे। जब तक टीमें नीचे पहुंचीं, तब तक कार में फंसे सभी लोगों की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।
राहत कार्य आसान नहीं था, क्योंकि कार काफी गहराई में जाकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने घंटों की मशक्कत के बाद शवों को वाहन से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें रस्सियों और अन्य साधनों की मदद से खाई से ऊपर लाया गया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर ली है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बच्चन सिंह, उनके बेटे रिपन, बहू रिंपी, आठ महीने के पोते और भतीजी कीर्ति राणा के रूप में हुई है। पूरा परिवार चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गैहरा का निवासी था। एक ही परिवार के इतने लोगों की एक साथ मौत की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों के अनुसार परिवार बेहद मिलनसार और सामाजिक था।
जानकारी के मुताबिक रिपन हिमाचल पुलिस विभाग में कार्यरत थे और उनकी तैनाती पौंग डैम क्षेत्र में थी। पुलिस में भर्ती होने से पहले उन्होंने कुछ समय तक होमगार्ड के रूप में भी सेवाएं दी थीं। उनकी असमय मौत से विभाग में भी शोक का माहौल है। सहकर्मियों ने उन्हें जिम्मेदार और मेहनती कर्मचारी बताया है।



परिवार हाल ही में चंडीगढ़ स्थित पीजीआई अस्पताल गया था। बताया जा रहा है कि रिपन का आठ महीने का बेटा पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था और उसके कान का ऑपरेशन होना था। बच्चे के इलाज के लिए परिवार के सदस्य चंडीगढ़ गए थे और वहीं से वापस अपने गांव लौट रहे थे। वापसी के दौरान बनीखेत के पास यह हादसा हो गया, जिससे पूरा परिवार तबाह हो गया।
कीर्ति राणा चंडीगढ़ में निजी क्षेत्र में नौकरी करती थीं। परिवार के लोगों ने बताया कि उनके पिता की भी कुछ वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। अब इस हादसे में उनकी भी जान चली गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने बताया कि कीर्ति पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर युवती थीं तथा परिवार की उम्मीदों का बड़ा सहारा थीं।
पुलिस के अनुसार दुर्घटना के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में बारिश, फिसलन और वाहन के नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। दुर्घटनाग्रस्त कार को खाई से निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस सड़क की स्थिति, मौसम और वाहन की हालत समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद सभी शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। ग्राम पंचायत गैहरा की प्रधान इंदू ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि गांव ने एक साथ पांच लोगों को खो दिया है, जिससे हर घर में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से आवश्यक कानूनी और औपचारिक कार्रवाई पूरी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने सरकार से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की मांग की है।
इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान यात्रा के जोखिम को उजागर कर दिया है। चंबा और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही वर्षा के कारण सड़कें कई स्थानों पर फिसलन भरी बनी हुई हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में सावधानी बरतने, रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी मार्गों पर धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की है। वहीं, गैहरा गांव में पांच अर्थियों के उठने की तैयारी के बीच हर आंख नम है और पूरा क्षेत्र इस दुखद हादसे से स्तब्ध है।

