राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: 9 संतों की धार्मिक समिति गठित, प्रवक्ता की होगी नियुक्ति; महासचिव और CEO के फैसले पर अभी मंथन जारी

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अयोध्या में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर की धार्मिक और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। करीब दो घंटे चली इस बैठक में ट्रस्ट ने 9 संतों की एक नई धार्मिक समिति के गठन को मंजूरी दी है। इस समिति में अयोध्या के संतों के साथ ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख संतों को भी शामिल किया गया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

नई धार्मिक समिति का उद्देश्य राम मंदिर में पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं की शुद्धता बनाए रखना होगा। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि मंदिर की सभी धार्मिक गतिविधियां रामानंदी परंपरा और निर्धारित रीति-रिवाजों के अनुसार संचालित हों। इसके अलावा बड़े धार्मिक पर्वों के आयोजन, विशेष अनुष्ठानों की योजना और पुजारियों की व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी भी इसी समिति के पास रहेगी।

ट्रस्ट ने समाज और मीडिया के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने के लिए आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का भी फैसला लिया है। ट्रस्ट का मानना है कि प्रवक्ता के माध्यम से मंदिर और ट्रस्ट से जुड़ी प्रमाणिक जानकारियां समय पर लोगों तक पहुंचाई जा सकेंगी। इसके साथ ही प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक सचिव पद बनाने की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई है।

बैठक में ट्रस्ट के महासचिव समेत तीन खाली ट्रस्टी पदों को भरने पर भी चर्चा हुई, लेकिन नामों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। महासचिव पद के लिए कई नामों पर विचार किया गया, जिनमें बजरंग लाल बागड़ा का नाम भी सामने आया। हालांकि अयोध्या के कुछ संत स्थानीय प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं, जिसके कारण अंतिम निर्णय को फिलहाल टाल दिया गया है।

जब तक नए महासचिव का चयन नहीं होता, तब तक कृष्ण मोहन कार्यवाहक महासचिव के रूप में जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और आने वाले कुछ हफ्तों में इस पर निर्णय लिया जा सकता है। अगली बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है, जिसमें संगठनात्मक बदलावों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

बैठक में राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ चल रही व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश वित्त समिति को दिए हैं। चढ़ावे की गिनती से जुड़े मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद ट्रस्ट के सदस्यों ने नाराजगी जताई और भविष्य में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया।

ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा और निगरानी के लिए लगाई गई CCTV व्यवस्था की समीक्षा की गई है। चढ़ावा गिनती वाले स्थान सहित सभी महत्वपूर्ण जगहों पर कैमरों की निगरानी सुरक्षा अधिकारियों के पास है। ट्रस्ट ने इस व्यवस्था पर संतोष जताया और कहा कि मंदिर की वित्तीय एवं सुरक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राम मंदिर के नए CEO की नियुक्ति को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। ट्रस्ट ने बताया कि इस पद के लिए देशभर से हजारों आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति ने सभी उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव की निष्पक्ष समीक्षा के लिए अतिरिक्त समय मांगा है, जिसे ट्रस्ट ने मंजूरी दे दी है। CEO की नियुक्ति मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और व्यवस्थित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

ट्रस्ट ने बैठक के बाद यह भी कहा कि विभिन्न आरोपों और विवादों के बावजूद राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। ट्रस्ट के अनुसार, देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बनी हुई है। मंदिर प्रबंधन ने संत समाज, श्रद्धालुओं और अयोध्यावासियों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कर रही SIT की अंतिम रिपोर्ट अभी ट्रस्ट को प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। ट्रस्ट ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा और सभी निर्णय नियमों व कानूनी प्रक्रिया के अनुसार लिए जाएंगे।