तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन दो सप्ताह की निजी ब्रिटेन यात्रा पूरी करने के बाद रविवार देर रात चेन्नई वापस लौट आए। उनके चेन्नई पहुंचने पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डीएमके के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्टालिन को शॉल और किताबें भेंट कर सम्मान व्यक्त किया। स्टालिन की वापसी को लेकर पार्टी समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
एमके स्टालिन अपनी पत्नी दुर्गा स्टालिन के साथ 4 जुलाई को ब्रिटेन के लिए रवाना हुए थे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उनके पोते और तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के बेटे इनबनिथी के दीक्षांत समारोह में शामिल होना था। इनबनिथी ने ब्रिटेन के लीड्स बेकेट विश्वविद्यालय से खेल विकास से संबंधित डिग्री हासिल की है। स्टालिन परिवार के लिए यह समारोह एक खास अवसर था, जिसमें शामिल होने के बाद उन्होंने ब्रिटेन में कुछ समय निजी तौर पर बिताया।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 14 जुलाई को दीक्षांत समारोह पूरा होने के बाद एमके स्टालिन ने ब्रिटेन में कुछ दिन आराम और निजी कार्यक्रमों के लिए बिताए। इसके बाद वह रविवार देर रात चेन्नई लौटे। उनकी इस यात्रा को पूरी तरह निजी दौरा बताया गया था। वापसी के बाद एयरपोर्ट पर मौजूद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की।
इस बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और महान नेता के. कामराज को याद करते हुए उनके प्रशासनिक मॉडल की प्रशंसा की। मदुरै में आयोजित एक कार्यक्रम में चिदंबरम ने कहा कि कामराज ने अपने शासनकाल में ईमानदारी, सादगी और जनसेवा की मिसाल पेश की थी। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री मजबूत इच्छाशक्ति के साथ सही कानून और प्रभावी व्यवस्था लागू करे तो भ्रष्टाचार को काफी हद तक रोका जा सकता है।
चिदंबरम ने कहा कि कामराज का प्रशासन तमिलनाडु के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। उनके कार्यकाल में सरकार की कार्यप्रणाली पारदर्शी रही और जनता के हितों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि कामराज ने शिक्षा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनका लाभ लंबे समय तक राज्य को मिला।
कांग्रेस नेता ने कामराज की सादगी का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़े राजनीतिक पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने हमेशा सामान्य जीवन जीया। नौ साल तक मुख्यमंत्री और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहने के बावजूद उनके जीवन में दिखावा नहीं था। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी, जिन्होंने सत्ता को जनता की सेवा का माध्यम माना।
पी चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु में शिक्षा के विस्तार का श्रेय काफी हद तक कामराज की नीतियों को जाता है। उनके समय में स्कूलों की संख्या बढ़ाने और गरीब बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि आज भी जब राज्य में शिक्षा और सामाजिक विकास की चर्चा होती है तो कामराज का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कामराज ने तमिलनाडु को आर्थिक प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में उद्योगों को बढ़ावा मिला और रोजगार के अवसर बढ़े। चिदंबरम के अनुसार, कामराज की नीतियों ने राज्य के विकास की मजबूत नींव तैयार की, जिस पर आगे की सरकारों ने काम किया।
एमके स्टालिन की ब्रिटेन यात्रा से वापसी और पी चिदंबरम द्वारा कामराज की विरासत को याद करना तमिलनाडु की राजनीति से जुड़ी दो प्रमुख घटनाएं रहीं। एक ओर स्टालिन परिवार के निजी कार्यक्रम के बाद राज्य लौटे, वहीं दूसरी ओर कामराज के प्रशासन और ईमानदार नेतृत्व को लेकर राजनीतिक चर्चा हुई।
तमिलनाडु की राजनीति में कामराज का नाम आज भी सम्मान के साथ लिया जाता है। वहीं एमके स्टालिन राज्य के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल हैं और उनकी गतिविधियों पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिक हलकों की भी नजर रहती है। ब्रिटेन यात्रा से लौटने के बाद अब स्टालिन के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और पार्टी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

