CAA Assam Update: असम में नागरिकता आवेदन की बढ़ी रफ्तार, 70 लोगों ने किया आवेदन; छह को मिली मंजूरी, हजारों विदेशी हुए निर्वासित

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असम में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि कानून लागू होने के बाद अब तक कुल 70 लोगों ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है। इनमें से छह आवेदनों को मंजूरी देते हुए संबंधित लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जा चुकी है, जबकि शेष आवेदनों की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार जारी है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी आवेदन नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 और उससे संबंधित नियमों के तहत तय प्रक्रिया के अनुसार निपटाए जा रहे हैं। पात्रता की जांच के बाद ही आवेदकों को नागरिकता प्रदान की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक आवेदन का सत्यापन कई स्तरों पर किया जाता है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप रहे।

सीएए के लागू होने के बाद यह पहला अवसर है जब विधानसभा में राज्य सरकार ने आवेदन और मंजूरी से जुड़े आधिकारिक आंकड़े साझा किए हैं। सरकार के मुताबिक अभी तक प्राप्त आवेदनों में से छह लोगों को भारतीय नागरिकता मिल चुकी है, जबकि अन्य मामलों की जांच और दस्तावेजों का सत्यापन जारी है। आने वाले समय में पात्र पाए जाने वाले अन्य आवेदकों पर भी निर्णय लिया जाएगा।

विधानसभा में सरकार ने विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई का भी विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। सरकार के अनुसार अब तक राज्य में कुल 1,72,673 विदेशी नागरिकों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 31,786 लोगों को निर्वासित (डिपोर्ट) किया गया है। यह कार्रवाई विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए की गई है।

सरकार ने यह भी बताया कि 2 मई 2025 से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ विशेष अभियान तेज किया गया है। इस अभियान के तहत अब तक 1,572 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीमा पार वापस भेजा गया है। सरकार का कहना है कि सीमा सुरक्षा एजेंसियों और राज्य प्रशासन के समन्वय से यह अभियान लगातार जारी है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार वापस भेजे गए लोगों में सबसे अधिक संख्या श्रीभूमि जिले की रही, जहां से 866 लोगों को वापस भेजा गया। इसके अलावा कछार जिले से 357 लोगों को निष्कासित किया गया, जबकि रेलवे पुलिस द्वारा पकड़े गए 68 अवैध प्रवासियों को भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीमा पार भेजा गया। अन्य जिलों में भी पहचान और कार्रवाई का अभियान जारी है।

राज्य सरकार ने कहा कि अवैध घुसपैठ रोकने और विदेशी नागरिकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है और संबंधित एजेंसियों को नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का दावा है कि भविष्य में भी अवैध प्रवेश के मामलों में इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सीएए के तहत नागरिकता केवल उन पात्र प्रवासियों को दी जाती है जो कानून में निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करते हैं। प्रत्येक आवेदन की जांच दस्तावेजों, पहचान और अन्य आवश्यक मानकों के आधार पर की जाती है। सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है।

विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ कि राज्य सरकार एक ओर पात्र लोगों के नागरिकता आवेदनों का निस्तारण कर रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। दोनों प्रक्रियाएं अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित की जा रही हैं।

सरकार ने दोहराया कि नागरिकता से जुड़े मामलों में सभी निर्णय कानूनी प्रावधानों और निर्धारित पात्रता के आधार पर ही लिए जाएंगे। वहीं अवैध घुसपैठ और विदेशी नागरिकों की पहचान के मामलों में भी प्रशासन अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। विधानसभा में प्रस्तुत ताजा आंकड़े राज्य में सीएए के क्रियान्वयन और विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की वर्तमान स्थिति को सामने रखते हैं।