ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह जवानों के नाम केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए हैं। इन सभी शहीदों के नाम अब नेशनल वॉर मेमोरियल के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में दर्ज कर दिए गए हैं।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की 3D डिजिटल वॉल पर वर्ष 2025 के अनुभाग में भी इन वीर जवानों के नाम अंकित किए गए हैं। यह सम्मान उन सैनिकों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।

शहीदों में भारतीय सेना के पांच जवान और भारतीय वायुसेना का एक जवान शामिल है। इनमें से राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को मरणोपरांत वायु सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, जिसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया।
6 और 7 मई 2025 की रात भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी ढांचों पर सटीक हमले किए। सरकार के अनुसार इस अभियान में नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया गया।

सैन्य अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ट्रेनिंग सेंटर, लॉन्चपैड और अन्य आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। इन ठिकानों का उपयोग घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों की तैयारी के लिए किया जाता था।
ऑपरेशन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सैन्य तनाव बना रहा। इसके बाद 10 मई को दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
सैन्य अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई रणनीतिक एयरबेस को भी निशाना बनाया। बाद में जारी सैटेलाइट तस्वीरों में कई सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान के संकेत सामने आए, जिससे अभियान की व्यापकता का अंदाजा लगाया गया।
साल 2019 में स्थापित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक आजादी के बाद देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों की स्मृति को समर्पित है। ऑपरेशन सिंदूर के छह शहीदों के नाम जुड़ने के साथ यह अभियान भी उन सैन्य अभियानों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आधिकारिक सम्मान प्रदान किया गया है।