पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ताराताला क्षेत्र में हुए दर्दनाक गोदाम हादसे को लेकर विस्तृत बयान दिया। इस दुर्घटना में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, घायलों को 1 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

विधानसभा में दिए गए अपने बयान में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
गोदाम निर्माण से जुड़ी अनुमति प्रक्रिया पर भी मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार भवन के स्वीकृत नक्शे पर तत्कालीन कोलकाता महापौर और वर्तमान मंत्री फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इस पहलू की भी जांच की जाएगी।
इस मामले में गोदाम के मालिक शंभूनाथ बेहरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन करते हुए गोदाम का निर्माण कराया था।
पुलिस ने जांच के दौरान तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें गोदाम के सुपरवाइजर मोहम्मद गुलजार, लेबर कॉन्ट्रैक्टर मोहम्मद अतायुल और सुभाष चौधरी शामिल हैं। सभी से हादसे के कारणों को लेकर पूछताछ की जा रही है।
घटना के बाद यह भी सामने आया है कि सीपीएम से संबद्ध पोर्ट ट्रस्ट वर्कर्स यूनियन ने पहले ही निर्माण कार्य को लेकर चिंता जताई थी। यूनियन ने 11 जून को अधिकारियों को पत्र लिखकर संभावित खतरे की चेतावनी दी थी।
यूनियन का दावा है कि निर्माण कार्य में कई अनियमितताएं थीं और समय रहते कार्रवाई की जाती तो बड़ा हादसा टाला जा सकता था। दूसरी ओर, पोर्ट ट्रस्ट प्रशासन का कहना है कि निर्माण की अनुमति नगर निगम स्तर पर दी गई थी और नियमों की निगरानी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी थी।
बुधवार को गोदाम की छत गिरने के बाद से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मलबा हटाने और फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। अब तक 29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 20 से अधिक घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।