महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आयोजित एक बड़ी जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिवसेना की पहचान और वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर अहम टिप्पणी की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी को अलग पहचान के साथ संबोधित किया जाता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। शाह ने दावा किया कि महाराष्ट्र की राजनीति में अब केवल एक ही शिवसेना है और जनता ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। उनके इस बयान को राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमित शाह ने अपने भाषण में महाराष्ट्र सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शाह के अनुसार, सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नई पहचान देना है। उन्होंने कहा कि विकास और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना आवश्यक है।
सभा के दौरान गृह मंत्री ने कोल्हापुर की प्रसिद्ध अंबाबाई मंदिर कॉरिडोर परियोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र का व्यापक विकास किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं, यातायात व्यवस्था में सुधार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस योजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। शाह ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद देशभर से आने वाले भक्तों को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
अपने संबोधन में अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में कई ऐसे कार्य पूरे हुए हैं जिन्हें लंबे समय तक असंभव माना जाता था। शाह ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों लोगों की वर्षों पुरानी आस्था और प्रतीक्षा को पूरा करने का कार्य मोदी सरकार के कार्यकाल में संभव हुआ। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक चेतना और विरासत से जुड़ा ऐतिहासिक अध्याय बताया।
शाह ने देशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम और सोमनाथ मंदिर जैसे स्थानों पर बड़े स्तर पर विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार, अंबाबाई कॉरिडोर भी इसी सोच का हिस्सा है और आने वाले समय में यह परियोजना कोल्हापुर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि भारत आज दुनिया के सामने एक नई शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। शाह ने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है और विभिन्न क्षेत्रों में देश नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
अपने भाषण के अंत में अमित Shah ने विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकास, सुशासन, सांस्कृतिक गौरव और जनकल्याण की नीतियों के बल पर भारत दुनिया की अग्रणी शक्तियों में अपनी जगह और मजबूत करेगा। साथ ही उन्होंने जनता से विकास और विरासत को साथ लेकर चलने के इस अभियान में सहयोग देने की अपील भी की।