मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्थाओं का जमीनी आकलन करने के लिए दो जिलों का दौरा किया। उन्होंने खरगोन जिले की मंडलेश्वर तहसील स्थित कतरगांव और शाजापुर जिले के ग्राम मकोड़ी में उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज बेचने में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए और इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रहना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे आगे भी बिना सूचना के निरीक्षण करते रहेंगे।
कतरगांव केंद्र पर व्यवस्थाओं की गहन जांच
मुख्यमंत्री ने बुधवार रात महेश्वर में रुकने के बाद गुरुवार सुबह कतरगांव उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कलेक्टर और मंडी सचिव को निर्देश दिए कि केंद्र पर छह तौल कांटे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और सभी पर लगातार तुलाई होती रहे। उन्होंने नए जारी किए गए गेहूं खरीदी मानकों को तत्काल लागू करने के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए छाया, ठंडे पेयजल, बैठने की व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, स्लॉट बुकिंग के लिए कंप्यूटर, इंटरनेट और ऑपरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी आवश्यक बताया।
किसान को मौके पर दिलाया भुगतान
कतरगांव केंद्र पर मुख्यमंत्री ने एक किसान श्री सुरेश पाटीदार की 55 क्विंटल गेहूं खरीदी के बाद ई-उपार्जन पोर्टल पर उनकी प्राप्ति ऑनलाइन जनरेट करवाई। इसके साथ ही उन्हें 1 लाख 44 हजार 374 रुपए की भुगतान रसीद भी सौंपी गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिलना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
किसानों के बीच बैठकर लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री ने केंद्र पर मौजूद किसान और पशुपालक श्री भागीरथ मालवीय सहित अन्य किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनके साथ चाय पी और खरीदी प्रक्रिया, स्लॉट बुकिंग तथा ओटीपी के जरिए हो रहे भुगतान की जानकारी ली। किसानों से व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक भी लिया गया।
मकोड़ी में ट्रॉली पर चढ़कर देखा गेहूं
शाजापुर जिले के ग्राम मकोड़ी स्थित श्यामा गेहूं उपार्जन केंद्र पर भी मुख्यमंत्री ने औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़कर खुद गेहूं की स्थिति देखी और किसानों से सीधे बातचीत की। उन्होंने किसान दीपक और राहुल सहित अन्य किसानों से उनकी उपज और खरीदी प्रक्रिया के अनुभव के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने यहां भी स्लॉट बुकिंग, भुगतान व्यवस्था और केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही अपने सामने गेहूं की तुलाई करवाई, ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
उपार्जन अवधि 23 मई तक बढ़ाई गई
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को जानकारी दी कि गेहूं खरीदी की अवधि 9 मई 2026 तक निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 23 मई कर दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर इसे और आगे बढ़ाया जा सकता है और किसी भी किसान की उपज बिना खरीदे नहीं छोड़ी जाएगी।
महिलाओं से भी की बातचीत
मकोड़ी केंद्र पर मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती संगीता बाई से बारदानों पर की जा रही छपाई के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने उनसे मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना और अन्य शासकीय योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में भी चर्चा की।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान दोनों जिलों में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें महेश्वर विधायक राजकुमार मेव, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, विधायक अरुण भीमावद, डॉ. रवि पांडे सहित उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह, आईजी राकेश कुमार गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना और पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत शामिल रहे।
सरकार का फोकस—किसानों को सम्मान और सुविधा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोहराया कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को सम्मानजनक वातावरण में उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।