मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश का सिलसिला थमते ही अब गर्मी ने तेजी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन के तापमान में 1 से 5.4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में पारा चढ़ा, वहीं भोपाल और रतलाम में भी तापमान में इजाफा देखने को मिला। सबसे अधिक वृद्धि रतलाम में दर्ज की गई, जहां तापमान 5.4 डिग्री तक बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे गर्मी का असर और तीखा हो सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल केंद्र के मुताबिक 15 अप्रैल को एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव कमजोर रहेगा। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल तेज गर्मी का दौर जारी रहने के संकेत हैं। तापमान बढ़ने के साथ ही लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव नजर आने लगा है। तेज धूप से बचने के लिए लोग चेहरे को कपड़े से ढककर बाहर निकल रहे हैं, वहीं ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने का रस और आइसक्रीम की मांग भी बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए एडवायजरी भी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रतलाम में 38.6 डिग्री और खरगोन में 38 डिग्री तापमान रहा। धार, खंडवा, नरसिंहपुर और खजुराहो में भी पारा 36 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं, प्रदेश के पांच बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। भोपाल और जबलपुर में 34.6 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री और ग्वालियर में 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि इस बार अप्रैल के शुरुआती दिनों में मौसम सामान्य ट्रेंड से अलग रहा। 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेश में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिला, जहां कहीं आंधी, कहीं बारिश तो कई जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। इस दौरान ग्वालियर में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। करीब 45 जिलों में बारिश और 15 से अधिक जिलों में ओले गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे तापमान में गिरावट बनी रही। अब जैसे ही यह सिस्टम कमजोर पड़ा है, वैसे ही प्रदेश में गर्मी ने तेजी से वापसी कर ली है।