मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के ऊपर सक्रिय हुए नए वेदर सिस्टम ने खासकर उत्तरी और पूर्वी जिलों में असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। भोपाल स्थित मौसम केंद्र ने 9 अप्रैल तक के लिए अलर्ट जारी किया है, जिसमें कई जिलों में तेज हवाओं और बदले हुए मौसम की चेतावनी दी गई है।
मंगलवार को प्रदेश के करीब तीन दर्जन जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर मालवा और बुंदेलखंड तक कई जिले इस सिस्टम की चपेट में रहेंगे। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, रतलाम, मंदसौर, सागर, रीवा, सतना, शहडोल और सिंगरौली जैसे इलाकों में दोपहर बाद बादल छाने, तेज हवा चलने और कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवा की रफ्तार भी काफी तेज रह सकती है। कुछ स्थानों पर झोंके 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं, जबकि अन्य जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। आमतौर पर दोपहर के बाद मौसम अचानक बदलने की स्थिति बन रही है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
8 और 9 अप्रैल को भी ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में इस सिस्टम का असर बना रहेगा। इसके बाद 11 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्यप्रदेश तक पहुंच सकता है। यानी अप्रैल के पहले पखवाड़े में मौसम पूरी तरह स्थिर रहने की उम्मीद नहीं है और उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
पिछले कुछ दिनों में भी प्रदेश ने मौसम के कई रंग देखे हैं। अप्रैल की शुरुआत में ही कई जिलों में ओलावृष्टि, तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और गर्मी से अस्थायी राहत मिली। हालांकि इस बदले हुए मौसम का असर किसानों पर भी पड़ा है, क्योंकि फरवरी और मार्च में बार-बार मौसम बदलने से फसलों को नुकसान हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल फरवरी और मार्च में सामान्य से अधिक बार मौसम में बदलाव देखा गया। जहां फरवरी में कई बार ओले और बारिश हुई, वहीं मार्च में तेज गर्मी के बीच अचानक वर्षा और आंधी का दौर चला। अप्रैल की शुरुआत भी इसी ट्रेंड को आगे बढ़ा रही है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि इस बार गर्मी का सीजन भी बीच-बीच में मौसम की ऐसी गतिविधियों से प्रभावित रहेगा।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि जैसे ही ये सिस्टम कमजोर पड़ेंगे, वैसे ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से प्रदेश में तेज गर्मी का असर दिखना शुरू हो सकता है, जब पारा 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में फिलहाल जहां मौसम राहत दे रहा है, वहीं आने वाले दिनों में गर्मी का तीखा रूप भी देखने को मिल सकता है।