भोपाल में भाजपा का दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान, सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने किया शुभारंभ; 600 से अधिक कार्यकर्ता हुए शामिल

You are currently viewing भोपाल में भाजपा का दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान, सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने किया शुभारंभ; 600 से अधिक कार्यकर्ता हुए शामिल

भोपाल के रविन्द्र भवन में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान के तहत विषय वक्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भाग लिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

प्रशिक्षण की शुरुआत में पार्टी के पश्चिम-मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रभारी के.सी. पटेल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अभियान की रूपरेखा और उद्देश्य पर विस्तार से जानकारी दी।

आठ प्रमुख विषयों पर आयोजित हुए प्रशिक्षण सत्र

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए, जिनमें वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने मार्गदर्शन दिया।

  • वैचारिक अधिष्ठान (वैचारिक आधार) पर डॉ. निशांत खरे और विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने विचार रखे।

  • कार्य पद्धति और कार्यकर्ता प्रबंधन पर पंकज जोशी और कांतदेव ने प्रशिक्षण दिया।

  • भाजपा का इतिहास और विकास विषय पर विधायक भगवानदास सबनानी और सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने पार्टी की स्थापना से अब तक के सफर पर प्रकाश डाला।

  • केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके और अभय प्रताप सिंह यादव ने दी।

  • कार्य विस्तार की दृष्टि पर एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य और राजेंद्र सिंह ने मार्गदर्शन दिया।

  • प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर मंत्री विश्वास सारंग और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे ने चर्चा की।

  • बूथ प्रबंधन और ‘मन की बात’ कार्यक्रम को लेकर प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल, गौरव सिरोठिया और राघवेंद्र शर्मा ने जानकारी दी।

  • सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नमो ऐप और संगठन ऐप के उपयोग पर सुयश त्यागी और कामना भदौरिया ने सत्र लिया।

संघ की संरचना के अनुरूप तीन प्रांतों में प्रशिक्षण

भाजपा का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर तीन प्रांतों—महाकौशल, मध्यभारत और मालवा में आयोजित किया जा रहा है।

  • मध्यभारत प्रांत: 6 मार्च को भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 25 जिलों के लगभग 600 कार्यकर्ता शामिल हुए।

  • महाकौशल प्रांत: 7 मार्च को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर (गीता भवन, घंटाघर) में जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और शहडोल संभाग के 19 जिलों के कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण होगा।

  • मालवा प्रांत: 10 मार्च को इंदौर के गुजराती इनोवेटिव कॉलेज (स्कीम नंबर 54, सत्य साईं चौराहा, बॉम्बे हॉस्पिटल रोड) में 18 जिलों के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भोपाल में हुए इस सत्र में शामिल प्रतिभागियों को मंडल स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा रहा है।

तकनीक के साथ कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर जोर

पार्टी का मानना है कि ‘व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण और संगठन निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब कार्यकर्ता आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में AI, सोशल मीडिया, नमो ऐप और संगठन ऐप जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया गया है। इन माध्यमों के जरिए कार्यकर्ताओं को बताया जाएगा कि पार्टी की विचारधारा और सरकार की योजनाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जनता तक कैसे प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है।

राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर बनाई गई विशेष टोली

इस महाअभियान के संचालन के लिए एक राष्ट्रीय टोली का गठन किया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश से भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और सांसद वी.डी. शर्मा को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय टीम में कविता पाटीदार को भी सदस्य बनाया गया है।

वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के लिए के.सी. पटेल को क्षेत्रीय प्रभारी नियुक्त किया गया है।

बूथ और मंडल स्तर पर होगा प्रशिक्षण

इस अभियान के तहत प्रशिक्षण को दो स्तरों पर आयोजित किया जाएगा।

  • मंडल स्तर: 24 घंटे के प्रशिक्षण में कुल 7 सत्र होंगे।

  • बूथ स्तर: 4 घंटे में दो सत्रों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मंडल स्तर के प्रशिक्षण के लिए 100 रुपये का डिजिटल शुल्क निर्धारित किया गया है, जो संगठन की डिजिटल प्रक्रिया को मजबूत करने का हिस्सा है।

इन प्रशिक्षण सत्रों में महामंत्री, कोषाध्यक्ष, कार्यालय प्रमुख, निजी सहायक (PA), निजी सचिव (PS), बोर्ड और सहकारी समितियों के सदस्य तथा चुनाव से जुड़ी विभिन्न टोलियों को भी शामिल किया जाएगा।