ईद मिलाद उन नबी जुलूस में घोड़े पर बैठे पुलिस अधिकारी हाथ में धार्मिक झंडा लिए नजर आए, SP ने मांगा जवाब; एसडीओपी बोले— “सिर्फ सुरक्षा का निरीक्षण कर रहा था, झंडा किसी ने पकड़ा दिया”!

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जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:

छतरपुर में ईद मिलाद उन नबी का जुलूस इस बार एक अनोखी वजह से चर्चा में आ गया। शुक्रवार को निकाले गए इस धार्मिक जुलूस में ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिस अधिकारी घोड़े पर सवार होकर हाथ में धार्मिक झंडा लिए नजर आए। इस घटना का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आते ही सवाल उठने लगे कि क्या ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों का इस तरह किसी धार्मिक आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होना उचित है।

वीडियो में कौन-कौन अधिकारी आए नजर

वायरल वीडियो में लवकुशनगर एसडीओपी नवीन दुबे, यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत और एक अन्य पुलिसकर्मी घोड़े पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। तीनों ने हाथ में झंडा थामा हुआ है, जिसे स्थानीय लोगों ने धार्मिक भावनाओं से जोड़कर विवादित मान लिया। घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन को स्पष्टीकरण देना पड़ा।

एसपी ने जारी किया नोटिस

छतरपुर एसपी अगम जैन ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। उनसे चार दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। एसपी का कहना है कि पूरी घटना की जांच की जा रही है और जांच पूरी होते ही नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

एसडीओपी ने दी सफाई

इस बीच, एसडीओपी नवीन दुबे ने घटना को लेकर अपनी सफाई दी। उनका कहना है कि वे घोड़े पर बैठकर केवल सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। उसी दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें झंडा पकड़ा दिया, और यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में रिकॉर्ड हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों में भाग लेना नहीं था।

शांतिपूर्ण रहा जुलूस

विवाद के बावजूद ईद मिलाद उन नबी का जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाइश पर मुस्लिम समाज ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। जुलूस मुश्किल कुशा अली मैदान से शुरू होकर संकट मोचन, बसारी दरवाजा, चौक बाजार और महल तिराहा होते हुए छत्रसाल चौक पर जाकर समाप्त हुआ।

जुलूस में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए, मिठाई और पानी का वितरण किया गया। मस्जिदों में जुमे की नमाज के बाद देश में अमन और भाईचारे की दुआ की गई।

1000 पुलिसकर्मी थे तैनात

जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। प्रशासन ने लगभग 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मैदान में उतरकर निगरानी रखी। पुलिस की घुड़सवार टुकड़ी भी जुलूस के साथ चलती रही, ताकि भीड़ पर नियंत्रण और सुरक्षा की दृष्टि से किसी तरह की कमी न रहे।