महिला सशक्तिकरण के मामले में मध्य प्रदेश तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। केंद्र सरकार के हालिया आंकड़ों (31 दिसंबर 2025 तक) के अनुसार, राज्य में ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 22.77 लाख से अधिक महिलाएं सालाना एक लाख रुपए या उससे ज्यादा की आय हासिल करने लगी हैं।
इन आंकड़ों के साथ मध्य प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है, जहां सबसे ज्यादा महिलाएं इस योजना के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। खास बात यह है कि एक साल पहले तक यह राज्य इस सूची में काफी पीछे था, लेकिन अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है।
तेजी से बदली स्थिति
राज्य ने बहुत कम समय में बड़ी छलांग लगाई है। पहले जहां मध्य प्रदेश आठवें स्थान पर था, वहीं अब शीर्ष राज्यों की सूची में जगह बना चुका है। यह बदलाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता है।
ड्रोन टेक्नोलॉजी में भी महिलाएं आगे
खेती-किसानी में आधुनिक तकनीक अपनाने के मामले में भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना के तहत मध्य प्रदेश को 34 ड्रोन मिले हैं, जिससे यह देश में तीसरे स्थान पर आ गया है।
राज्य की 89 स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं ने ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण लिया है। अब ये महिलाएं खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से कर रही हैं, जिससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है।
क्या है ‘लखपति दीदी’ योजना
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को इस तरह सक्षम बनाया जाता है कि वे सालाना कम से कम एक लाख रुपए की आय अर्जित कर सकें।
इसके लिए उन्हें वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, बैंक लोन और बाजार से जोड़ने जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, ताकि वे छोटे व्यवसाय या कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ा सकें।
प्रधानमंत्री ने की थी शुरुआत
इस पहल की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2023 को की थी। शुरुआत में लक्ष्य 2 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति’ बनाना था, जिसे बाद में बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया गया।
सहायक योजनाओं से बढ़ रहा असर
‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाएं इस अभियान को और मजबूत बना रही हैं। इसके जरिए महिलाएं सिर्फ पारंपरिक काम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक के जरिए अपनी आय बढ़ाने के नए रास्ते भी खोज रही हैं।
देशभर में ड्रोन वितरण की स्थिति
ड्रोन वितरण के मामले में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना शीर्ष पर हैं, जबकि मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर है। वहीं, प्रशिक्षण के मामले में भी राज्य धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।