जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में बुधवार को मध्यप्रदेश शासन और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। डीपी वर्ल्ड का मुख्यालय संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में स्थित है और यह कंपनी वैश्विक स्तर पर बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सेवाओं के लिए जानी जाती है।
मध्यप्रदेश शासन की ओर से इस एमओयू पर अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने हस्ताक्षर किए, जबकि डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं वित्त और व्यवसाय विकास अधिकारी अनिल मोहता ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष सुल्तान अहमद बिन सुलायेम भी उपस्थित रहे। एमओयू हस्ताक्षर के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और औपचारिक रूप से दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया।
इस समझौता ज्ञापन के तहत मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश सहयोग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सहमति बनी है। डीपी वर्ल्ड ने राज्य में निवेश और रणनीतिक सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। यह साझेदारी राज्य में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
एमओयू के माध्यम से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। इससे न केवल राज्य की औद्योगिक क्षमता में इजाफा होने की संभावना है, बल्कि निर्यात, आयात और व्यापार से जुड़े सेक्टर को भी नई मजबूती मिल सकती है। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के क्षेत्र में डीपी वर्ल्ड का वैश्विक अनुभव राज्य के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डीपी वर्ल्ड के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते हुए मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश के लिए उपलब्ध अनुकूल वातावरण और विकसित होते बुनियादी ढांचे की जानकारी साझा की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को दी जा रही सुविधाओं और सहयोगी नीतियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त और प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी से राज्य में निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
कुल मिलाकर, दावोस में हुआ यह एमओयू मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने की क्षमता रखता है।